
BCCI Age Fraud Action:भारतीय क्रिकेट में उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी (Age Fraud) के खिलाफ एक बड़ा एक्शन देखने को मिला है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बंगाल के युवा लेग स्पिनर रोहित यादव को 2 साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया है, जबकि बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) ने दस्तावेजों में गड़बड़ी और उम्र की विसंगतियों के चलते 62 खिलाड़ियों को अयोग्य करार दिया है।
BCCI Age Fraud Action: आखिर पूरा मामला क्या है?
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब रोहित यादव के आयु से जुड़े दस्तावेजों की गहराई से जांच की गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके दस्तावेजों में जन्म के वर्ष को लेकर भारी विरोधाभास देखने को मिला।
सामने आया कि खिलाड़ी के पास तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र मौजूद थे, जिनमें जन्म वर्ष क्रमशः 2007, 2009 और 2010 दर्ज पाया गया। इसके अलावा, उनके डेटा रिकॉर्ड में भी समय-समय पर जन्म वर्ष में बदलाव की बात सामने आई। इन सभी विसंगतियों और अनियमितताओं के चलते उन्हें आयु-वर्ग क्रिकेट खेलने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया गया।
BCCI Age Fraud Action: रोहित यादव पर BCCI का 2 साल का बैन
BCCI ने घरेलू क्रिकेट में बड़ा कदम उठाते हुए बंगाल के युवा लेग स्पिनर रोहित यादव पर 2 साल का प्रतिबंध लगा दिया है।
रोहित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और बंगाल के लिए खेलते हैं। वह जुलाई 2026 में श्रीलंका दौरे पर गई भारतीय अंडर-19 टीम का हिस्सा रहे थे, जहां उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट झटके थे। हाल ही में उनका चयन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली आगामी भारत अंडर-19 सीरीज के लिए भी हुआ था, लेकिन इस दो साल के बैन के चलते फिलहाल उनका घरेलू क्रिकेट सफर थम गया है।
BCCI Age Fraud Action: 62 खिलाड़ियों पर भी गिरी गाज
यह कार्रवाई सिर्फ एक खिलाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि बंगाल क्रिकेट एसोसिएशन (CAB) ने उम्र और कागजातों में गड़बड़ी के चलते कुल 62 खिलाड़ियों को रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है।
यह फैसला आगामी 2026-27 और 2027-28 सत्रों के लिए लागू किया गया है, जो इन खिलाड़ियों के रिकॉर्ड की गहन जांच के बाद लिया गया। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इन सभी 62 खिलाड़ियों पर BCCI ने दो साल का बैन नहीं लगाया है। BCCI का दो साल का प्रतिबंध सिर्फ रोहित यादव पर है, जबकि CAB ने इन 62 खिलाड़ियों को केवल रजिस्ट्रेशन और ट्रांसफर के मोर्चे पर अयोग्य ठहराया है।
BCCI Age Fraud Action: बड़े नाम भी सूची में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (CAB) की इस कार्रवाई की चपेट में कुछ जाने-माने खिलाड़ी भी आए हैं:
रबी कुमार -यह भारत की 2022 अंडर-19 वर्ल्डकप बिजेता टीम का हिस्सा था | इनकी रिकॉर्ड में कथित तौर पर 45 महीने का आयु सम्भंदित अंतर पाया गया है |
बिसाल भट्टी -बिसाल भट्टी एक बाएं हाथ का स्पिन आलराउंडर है , जिसका नाम भी इस लिस्ट में शामिल है |
BCCI Age Fraud Action: यह मामला इतना गंभीर क्यों है?
अंडर-16 और अंडर-19 जैसे आयु-वर्ग के टूर्नामेंट्स में खिलाड़ियों की उम्र बेहद अहमियत रखती है। कम उम्र के क्रिकेट में गलत उम्र के सहारे खेलने से खिलाड़ियों को शारीरिक ताकत और अनुभव के मामले में अनुचित लाभ मिल जाता है।
इस समस्या से निपटने के लिए BCCI ने पहले से ही आयु सत्यापन के लिए दस्तावेजों की जांच और मेडिकल टेस्ट जैसी प्रक्रियाओं का सहारा लेता है। BCCI के लिए भारतीय युवा क्रिकेट में आयु संबंधी धोखाधड़ी एक गंभीर और फैली हुई समस्या बन चुकी है, जिस पर अब BCCI ने जांच के दायरे को और अधिक सख्त कर दिया है।
BCCI और CAB की कार्रवाई का संदेश
इससे यह बिल्कुल स्पष्ट हो जाता है कि क्रिकेट प्रशासक अब आयु संबंधी धोखाधड़ी (Age Fraud) और फर्जी दस्तावेजों के मामलों पर बेहद सख्त रुख अपना रहे हैं।
