भारतीय क्रिकेट टीम के तेज़ गेंदबाज़ हर्षित राणा की फिटनेस को लेकर हाल ही में काफी चर्चाएं और सवाल उठे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, घुटने की सर्जरी के बाद सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से रिहैब पूरा करके लौटने पर उनका वजन तय मानक से ज्यादा पाया गया था। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट का सामना करना पड़ा, जिसके चलते वह इंग्लैंड दौरे की वनडे सीरीज से बाहर हो गए। इस पूरी घटना ने BCCI के फिटनेस पैमानों और रिहैब प्रक्रिया की कार्यप्रणाली पर एक नई बहस छेड़ दी है।

हर्षित राणा की फिटनेस पर BCCI सख्त: घुटने की सर्जरी के बाद बढ़ा वजन, इंग्लैंड सीरीज से बाहर
हर्षित राणा ने अपने घुटने की सर्जरी के बाद BCCI के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) में अपना रिहैब सफलतापूर्वक पूरा किया था। हालांकि, जब वह टीम के साथ दोबारा जुड़े, तो उनका वजन उम्मीद से ज्यादा निकला। इसके बाद, इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले के दौरान उन्हें हैमस्ट्रिंग की चोट लग गई, जिसके चलते वह आगामी वनडे सीरीज से भी बाहर हो गए हैं।
BCCI के सख्त फिटनेस नियम: मोहम्मद सिराज का मामला
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और चर्चाओं में यह भी दावा किया गया कि मोहम्मद सिराज इस स्थिति से काफी हैरान थे, हालांकि BCCI या खुद सिराज की तरफ से ऐसा कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस वजह से इन दावों की किसी स्वतंत्र स्रोत से पुष्टि नहीं हो पाई है।
BCCI के फिटनेस सिस्टम पर क्यों उठे सवाल?
रिपोर्ट्स के अनुसार कई खिलाड़ियों की लगातार हैमस्ट्रिंग और अन्य चोटों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि:
- क्या खिलाड़ियों की फिटनेस जांच पर्याप्त सख्ती से हो रही है?
- क्या रिहैब के बाद खिलाड़ियों को समय से पहले मैचों में उतारा जा रहा है?
- क्या खिलाड़ियों के वज़न, वर्कलोड और रिकवरी की सही निगरानी रखी जारही हैं?
BCCI मे अब क्या बदलाव हो सकते हैं ?
BCCI के शीर्ष अधिकारियों और चयन समिति के बीच बैठक में कई सुधारों पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:
- खिलाड़ियों के लिए अधिक सख्त फिटनेस और बॉडी-वेट मॉनिटरिंग।
- रिहैब के बाद मैदान पर वापसी से पहले खिलाड़ियों की कड़े टेस्ट।
- तेज़ गेंदबाज़ खिलाड़ियों की वर्कलोड और रिकवरी की बेहतर निगरानी।
- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) की प्रक्रियाओं की समीक्षा।
BCCI ने क्या निष्कर्ष निकला है ?
हर्षित राणा का मामला केवल एक खिलाड़ी की चोट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने BCCI के पूरे फिटनेस और रिहैब सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, “सिराज हैरान रह गए” जैसी बात का आधिकारिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। दूसरी ओर, खिलाड़ियों की लगातार चोटों के बाद BCCI द्वारा फिटनेस प्रबंधन में सुधार के लिए सख्त कदम उठाए जाने की चर्चा ज़ोर पकड़ रही है।
